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Short Hindi Article - " हमारा वोट "

दोस्तों जैसा कि हम जानते हैं लोकसभा चुनाव निकट ही हैं और नेताओं के साथ - साथ आम वोटर भी दबाव में है कि वह किस प्रकार की सत्ता को चुने ।सबसे बड़ी समस्या जो मैं आज देख रहा हूं कि राजनेताओं तो पहले से ही सत्ता के लालची होते हैं और किसी न किसी प्रकार के उनके अपने निजी स्वार्थ भी होते हैं लेकिन मैं धीरे-धीरे देख रहा हूं कि आम जनमानस भी लालची होता जा रहा है तथा वह अपने लालच में वशीभूत होकर ही वोट डाल रहा है ना कि वह देख रहा है कि मेरे एक वोट से देश की दशा व दिशा दोनों ही तय होगी ।
वोटर के इस ही लालच को सभी राजनेता अपने अपने तरीके से भुनाने में लगे हैं जैसे कि कोई निम्न जाति का है या अनुसूचित जाति का है तो उसको आरक्षण का लाभ देकर, व्यापारी वर्ग को टैक्स में छूट देकर ,किसान को किसी कर्ज माफी के रूप में ,सरकारी कर्मचारियों को उनका महंगाई भत्ता या तनख्वाह बढ़ा कर और भी विभिन्न विभिन्न तरह के लोभ व लालच देकर अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं ।
आज जरूरत है जो भी जनमानस अर्थात भारत का नागरिक है उसको एक ऐसे व्यक्ति को वोट डालना है जो कि उसके क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर सके अर्थात उस क्षेत्र की समस्याएं सही तरीके से पटल पर लाए तथा उन समस्याओं का हल दे लेकिन साथ ही साथ वह उस क्षेत्र की उन्नति ना करके पूरे देश की उन्नति का भागीदार भी हो । कई दफे देखा गया है कि एक छोटी क्षेत्रीय समस्या हो सकती है वह उस क्षेत्र के लोगों की हल हो रही हो पर वह देश के लिए कोई नई समस्या ना खड़ी हो रही हो ।
जैसा कि अक्सर देखा गया है कि जो भी क्षेत्रीय पार्टियां हैं वह  अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती है वह राष्ट्र के लिए कई बार नहीं समस्याएं खड़ी कर देती हैं । जैसे कि राज्यों के छोटे-छोटे टुकड़े तथा कई बार क्षेत्रीय पार्टियां राष्ट्र की समस्याओं को नजरअंदाज कर कर क्षेत्रीय समस्याओं पर टिकी रहती है तथा उस क्षेत्र के एक निर्धारित वोटरों पर ही फोकस रखती हैं तथा उल्टे सीधे वादे कर केंद्रीय सरकार पर अतिरिक्त भार डालती है।
 तो वोटरों की पहली जिम्मेदारी तो यह है कि जब भी लोकसभा चुनाव हो तो वह एक ऐसी पार्टी को सत्ता में लाएं जिसका राष्ट्रीय जनाधार हो क्योंकि क्षेत्रीय दल आप की समस्याओं का हल नहीं कर पाते क्योंकि उनको कभी केंद्र में पूर्ण बहुमत वाली सत्ता प्राप्त नहीं होती ,सत्ता सिर्फ राष्ट्रीय पार्टियों को ही प्राप्त हो पाती है और रही बात गठबंधन सरकारों की तो हमने पहले भी देख रखा है कि वह किसी प्रकार के ठोस कदम नहीं उठाती  क्योंकि सभी एक दूसरे की टांग खींचने में लगे रहते हैं तथा अपने क्षेत्र का ही विकास करने की कोशिश में रहते हैं वह राष्ट्र के लिए कोई एकमत होकर निर्णय नहीं लेते ।
सबसे पहले हमारा कर्तव्य है यह है कि हम जो भी  अपना एक वोट डाले उसको मात्र वोट न समझ कर अपना योगदान समझे अपने देश के प्रति ,अपने समाज के प्रति और अपनी आने वाली पीढ़ियों के प्रति ।
और अक्सर हम सभी वोटर खासकर अगर हम बात करें भारतीय वोटर की तो वह अपनी दयनीय हालत का स्वयं जिम्मेदार है उसकी जिम्मेदारी सिर्फ हमारे राजनेताओं की नहीं क्योंकि वह हर काम के लिए एकटक होकर सरकार की और मुंह ताकते रहते हैं और अपनी कोई जिम्मेदारी राष्ट्र के प्रति नहीं समझते अपने देश के प्रति नहीं समझते वह हर बात का ठीकरा राजनेताओं के सिर फोड़ देते हैं।
तो इस बार यह निर्णय ले कि आपका एक वोट जो भी हो लोकसभा चुनाव के दौरान वह आपके समाज के साथ साथ आपके क्षेत्र के साथ साथ आपके राज्य के साथ साथ पूरे भारत का उद्धार करें और अपने से ऊपर अपने राष्ट्र को रखें तभी आपकी वोट सफल होगी ।
-––––––धन्यवाद–––––––––––

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