Skip to main content

Short Hindi Story- " वह तीन बंदर "

मास्टरजी बारहवीं कक्षा के छात्रों को पढ़ा रहे थे । पढ़ाते - पढ़ाते उन्होंने गांधी जी के अहिंसा के आंदोलन के बारे में बताया । फिर वह गांधीजी के तीन बंदरों की विशेषताएं बताने लगे । एकाएक उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े सभी छात्र दंग रह गए । छात्रों के बहुत पूछने पर उन्होंने बताया कि जो विचार गांधीजी ने इन तीन बंदरों के चिन्हित करके बताए थे । लोग उसका अनुसरण उल्टे तरीके से कर रहे हैं । एक छात्र ने उठा कर पूछा - 'वह कैसे मास्टर साहब 'मास्टर जी बोले की आज जब सड़क पर कोई दुर्घटना होती है तो सब लोग आंख पर हाथ रखकर आगे निकल जाते हैं । कोई उस व्यक्ति को उठाने वाला नहीं मिलता सड़क पर जब कोई मां-बेटी से कोई बदसलूकी करता है तो सब अपनी जुबान पर हाथ रखकर आगे निकल जाते हैं । कोई अपनी आवाज नहीं उठाता । बच्चों जब किसी सरकारी दफ्तर में कोई काम लेकर जाओ तो तुम्हारी वहां कोई सुनने वाला नहीं होता । सब सरकारी कान बंद करके बैठे हैं । जनता की आवाज कोई नहीं सुनता । इसी तरह लोग इन तीन बंदरों का गलत तरीके से अनुसरण करेंगे तो हमारा देश का क्या होगा ।

Comments